क्या आप भी करते है नवरात्री में व्रत या उपवास ? तो भूलकर भी न करे ये गलतियाँ


क्या आप भी करते है नवरात्री में व्रत या उपवास ? तो भूलकर भी न करे ये गलतियाँ

NaariChhabi

नवरात्री हम सब एक त्यौहार की तरह मनाते है , नवरात्री आने के पहले ही सारी तयारी शुरू हो जाती है जैसे घर की साफ़ सफाई , पूजा पाठ का सामान इक्कठा करना , गरबे की तयारी, फलहार की तयारी और भी बहुत कुछ,,, हम पूरे दिल से देवी जी की आराधना करते है पूजा पाठ करते है व्रत करते है और चाहते है की देवी जी प्रसन्न हो कर हमारी सभी मनोकामनाए पूर्ण करे |
व्रत क्या है?
जब हम किसी काम को करने का संकल्प लेते है तो उसे व्रत कहते है | किसी व्रत को माने गए नियम के अनुसार पूर्ण करना हमारी द्रढ़ता और एकनिष्ठा को दर्शाता है |
उपवास क्या है ?
जब हम किसी प्रकार के अन्न या खाने- पीने की वस्तु को कुछ समय के लये त्यागते है तो उसे उपवास कहते है | उपवास या तो कुछ दिन का , कुछ सप्ताह का या कुछ महीनो का भी हो सकता है यहाँ आपके लिए गए संकल्प पर आधारित है |

नवरात्री में नियम से व्रत या उपवास करना जरुरी माना गया है , व्रत आत्मा की शुद्धि के लिए किया जाता है वैसे तो कहते है की जितनी शक्ति उतनी भक्ति लेकिन कई लोग परंपरा , धर्म या संस्कृति के नाम पर अपनी शक्ति से ज्यादा ही भक्ति में लग जाते है | अगर आप भी नवरात्री में देवी जी का व्रत या उपवास रखते है तो भूलकर भी ये गलतियाँ न करे वरना आपको ही पछताना होगा |

भूखे ना रहे

बिना अन्न या जल के उपवास कभी न करे, कई लोग नव दिन बिना किसी फलाहार के उपवास करते है ऐसा करने से हमारे शारीर में नमक की कमी हो जाएगी जिससे कमजोरी अजाति है | इसलिए नियम बनाये की उपवास में भले ही दिन में एक समय कुछ भी नमक वाला फलाहार अवश्य ले |

ना हो पानी की कमी

जैसे की हम जानते है की हमारे शारीर का आधे से ज्यादा हिस्सा पानी है , इसलिए इसकी क्रिया सुचारू रूप से जारी रखने के लिए पानी पीना अति आवश्यक है , पानी की कमी से बहुत सी बीमारिया हो सकती है | अतः उपवास में भी हर 1-2 घंटे में पानी पिटे रहे |

ना खाए ज्यादा तला- भुना

कई घरो में फलाहार के रूप में अधिक तला खाना खाते है जैसे आलू चिप्स, पापड़ , साबूदाने के बड़े आदि ज्यादा तला खाना बहुत हैवी होता है जिससे आपको गैस की समस्या भी सकती है | इसलिए रोज रोज तला फलाहार ना खाए इसकी जगह आप सादी लौकी का हलवा , साबूदाने की खिचड़ी , लौकी की खीर आदि ले सकते है |

जरुरी है फल और दूध 

उपवास में फलाहार किया जाता है जिसका अर्थ की होता है फल का आहार , इसलिए फल जरुर खाना चाहिए | फलो से मिलने वाले विटामिन प्रोटीन से शारीर में किसी भी प्रकार की कमी नही होती और हम हमेशा तरो-ताज़ा रहेते है | ज्यादा खट्टे फल ना खाते हुए ऐसा फलो का सेवन करे करे जिसमे पानी की मात्रा ज्यादा होती है |
दूध पीने से भी शारीर में ताकत रहती है, और दूध जरुरी मिनरल्स और कैल्शियम की कमी को भी पूरा कर देता है |

दवाइयों को करे ना

उपवास में किसी भी प्रकार की दवाई का डॉ से बिना पूछे सेवन न करे | खास तोर से महिलाये जरुर ये ध्यान रखे क्युकी अक्सर ऐसा होता है की अगर किसी महिला का मेंसेस/ माहवारी का समय इस दौरान हो तो नवरात्री में पूजा पाठ के कारन वह दवाई लेना उचित समझती है लेकिन इससे बहुत नुकसान होता है इसलिए जब तक डॉ से सलहा ने ले तब तक इन दवाइयों का सेवन न करे |

ये लोग कभी न करे
वृद्ध, रोगी, बच्चे और गर्ववती महिलाओ को कभी उपवास नही रखना चाहिए |
दिल के मरीज़ को ,सुगर के मरीज़ को ,जो भूखे न रहे सकते हो |
अन्य किसी भी प्रकार की बीमारी हो तो उपवास न रखे |



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