Hanuman Bhajan | मंगलवार विशेष भजन संग्रह - NaariChhabi

Hanuman Bhajan | मंगलवार विशेष भजन संग्रह 

hanuman bhajan



हनुमान जी कलयुग में सबसे सिद्ध..वे भगवान शिव जी के 11 वे रुद्रावतार है उन्हें सबसे बलवान और बुद्धिमान माना गया है गाइए नए Hanuman Bhajan...

हनुमान जी को कलयुग में सबसे सिद्ध बताया गया है भगवान शिव जी के 11 वे रुद्रावतार है और इन्हें सबसे बलवान और बुद्धिमान माना जाता है । हनुमान जी भक्ति में सबसे लोकप्रिय भक्तो में प्रधान है । इंद्र के वज्र से भक्त हनुमान की ठुड्डी टूट गई थी इसलिए इन्हें हनुमान नाम से जाना जाता है इसके अतिरिक्त इन्हें बजरंग बलि, मारुती, अंजनी सूत, संकट मोचन, महावीर आदि नामो से भी जाना जाता है – Hanuman Bhajan

1. धुन – दिल में तुझे बसा के, कर लुंगी बंद आँखे (इस सुप्रसिद्ध गाने के आधार पर) Hanuman Bhajan

बजरंग सहरान में आके, दुखड़े तुम्हे सुना के ।
पूजा करूँगा स्वामी, बिनती करूँगा स्वामी ।।

सिया राम के सेवक हो तुम, तुमको प्राण प्यारे,
तुम भी उनको सूत सम प्यारे, कमल नयन उजियारे ।
तुम से ही राम पाके, तुमको विनय सुना के ।। 1 ।।

जब जब भीर पड़ी श्री राम पे, तुम ही बने सहारे,
लाये सजीवन द्रोणागिर से, जीवन लखन निवारे ।
तुमको ही मै मना के, परिकम्मा अब लगा के ।। 2 ।।

मातु जानकी कर सिंगार जब, मांग सिंदूर संवारे,
बचन उचारे मातु जानकी, इससे राम पियारे ।
चोला सिंदूर चढ़ा के, श्रृद्धा सुमन चढ़ा के ।। 3 ।।

एक टक तुम्हे निहारूं हनुमत, तुमरे चरण पखारूँ,
लोट लगायुं द्वार पे तोरे, तोरी डगर बुहारूं ।
तब प्यार को मैं पाके, जीवन सफल बना के ।। 4 ।।

चारों युग में शरण तिहारी, जीव जगत के सारे,
जब जब दास पे संकट आये, आपहिं नाम उचारे ।
चरणन विनय सुना के, गुण आपके ही गाके ।। 5 ।।

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2.  धुन – जय रघुनन्दन जय सिया राम (इस सुप्रसिद्ध गाने के आधार पर)

हनुमत जपत सदा सिया राम ।
हिय में बसी छबि अभिराम ।।

सदा रहे सेवा में निशि दिन, मुख से नाम उचारे ।
हर्शी हर्शी कर नाचे गाये, भक्ति हिये भंडारे ।
हाथ लिए खरताल महाबली, गावत सीता राम ।।

श्री राम का मंदिर हो जहाँ, स्नैग हनुमान बिराजे ।
नव नव भूषण नव आभूषण, अनुपम छबि रहे सजे ।
हे जग बंदन मारुती नंदन, शत शत कोटि प्रणाम ।। (पूरा भजन पढने के लिए क्लिक करे)

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