धनतेरस
पर धन आगमन व उत्तम स्वास्थ के लिए इस शुभ मुहूर्त में करिए पूजा
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धनतेरस के दिन से
दिवाली की शुरुआत होती है इस दिन से पांच दिन तक सभी दिवाली त्यौहार के एंजोयमेंट
में लग जाते है धनतेरस, रूप चौदस, दिवाली, गोवर्धन पूजा और भैया दूज । धनतेरस का दिवाली में बहुत महत्व है माना जाता है
की धनतेरस के दिन भगवान धन्वन्तरी जी का जन्म हुआ था इसलिए इस त्यौहार को
धन्वन्तरी जी के जन्मदिवस के रूप में भी मनाया जाता है । भगवान धन्वन्तरी जी को
देवताओं का चिकित्सक माना जाता है इस लिए यह त्यौहार डॉक्टर्स के लिए भी बहुत महत्व
रखता है इस दिन को राष्ट्रिय आयुर्वेद दिवस के रूप में भी मनाया जाता है । जैन धर्म
में इसे धन्य तेरस या ध्यान तेरस भी कहा जाता है क्योकि भगवान महावीर इस दिन ध्यान
में गए थे और दीवाली के दिन मोक्ष को प्राप्त हुए थे दिवाली के दुसरे दिन को जैन
धर्म में नए साल के रूप में मनाते है ।
धनतेरस पूजा मुहूर्त
तिथि – 25 अक्टूबर
2019
पूजा मुहूर्त – शाम
07:08 से रात 08:14 तक
त्रयोदिशी तिथि
प्रारंभ - सुबह 07:08 am (25 अक्टूबर
2019)
त्रयोदिशी तिथि
समाप्त – (26 अक्टूबर 2019) दोपहर 03:57pm
धनतेरस पूजा विधि
धनतेरस के दिन सुबह
उठे और स्नान कर ले । इसके पश्चात् पूजा घर में धन्वन्तरी जी की मूर्ति या तस्वीर को
स्थापित करे । ध्यान रहे मूर्ति का मुख पूर्व की तरफ होना चाहिए इसके बाद हाथ में
फुल और चावल (अक्षत) लेकर धन्वन्तरी महाराज का आव्हान करे ।
सत्यं च येन निरतं
रोगं विधुतं, अन्वेषित च साविधिम आयोग्यमस्य ।
गूढं निगूढं
औषध्यरूपम्, धन्वन्तरी च सततं प्रणमामि नित्यं ।।
इसके बाद जल चढ़ाये व
भगवन को धुप, अबीर, गुलाल, फुल, रोली आदि लगाये फिर चांदी या किसी भी धातु के
बर्तन में खीर का भोग अर्पित करे । उनकी मुख की शुद्धि के लिए पानी, लौंग, सुपारी
चढ़ाये । वस्त्र अर्पित करे व
साथ में शंखपुष्पी, तुलसी, ब्राह्मी आदि औषधीय भी धन्वन्तरी महाराज को आर्पित करे
व रोग मुक्ति के लिए प्रार्थना करे ।
ऊं रं रूद्र रोग
नाशाय धनवंतये फट् ।।
इसके बाद धन्वन्तरी
महाराज को दक्षिणा और श्रीफल अर्पित करे, फिर कपूर से आरती करे व माता लक्ष्मी के आगमन व स्वागत के लिए मुख्य दरवाजे पर फूलों का तोरण व रंगों की या फूलों की रंगोली बनायें ।
क्या खरीदना माना जाता
है शुभ
धनतेरस के दिन कुछ न
कुछ नया ख़रीदने की परम्परा है, क्योकि नयी वस्तु ख़रीदने से नयापन आता है ।इस दिन कोई
भी धातु की वस्तु ख़रीदना शुभ माना जाता है, विशषकर सोना और चांदी की चीजें । इस दिन
बहुत से लोग सोने और चांदी के सिक्के खरीदते है पर जो लोग ये नहीं खरीद सकते है, वह
स्टील, पीतल या तांबे के बर्तन भी खरीद सकते है । इस लिए इस दिन कोई न कोई धातु की
वस्तु यथा संभव जरुर खरीदनी चाहिए, मान्यता है इससे घर में सुख समृध्दी बढती है ।
धनतेरस की खरीदारी का
शुभ मुहूर्त
धनतेरस के दिन
सूर्य उदय से सुबह
10:45 am
दोपहर 12:05 से 02:53
pm
शाम 04:17 से 05:42
pm
रात 09:00 से 10:30 pm

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