शिव
के भावविभोर कर देने वाले भजन | Shiv Bhajan with Lyrics
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सनातन धर्म को सनातन शिव धर्म से जाना जाता है शिव सभी देवताओं में सबसे महत्वपूर्ण है त्रिदेव में एक शिव को भोलेनाथ, शंकर, महेश, रूद्र, नीलकंठ, गंगाधर आदि नामों से भी जाना जाता है सम्पूर्ण सृष्टि शिव में समाई है –
शिव के भजन
1. धुन
– मन चल रे वृंदावन धाम (इस सुप्रसिद्ध भजन के आधार पर)
मन चल रे महाकाल
धाम, शिव शिव गायेंगे ।
शिव शिव गायेंगे,
भोले को मनाएंगे.... भोले को ।।
महाकाल के दर पर
जा कर, पंचामृत अभिषेक कराकर ।
चन्दन त्रिपुंड
ललाम... शिव शिव गायेंगे ।।
मन चल रे......
पुष्प आंकड़ा शिवही
चढ़ाकर, बिल्व पत्र शिव को अर्पण कर ।
करे भोले को दण्ड
प्रणाम
मन चल रे......
पूजन थाली पुष्प
सजाकर, पूजन की सामग्री लाकर ।
आरती करे सुबह
शाम... शिव... ।।
मन चल रे......
भस्म आरती के
दर्शन कर, अपने मन को शिव अर्पण कर ।
पायें चरण कमल
विश्राम.... शिव... ।।
मन चल रे......
बार बार तोरे दर
आये, हर दम टोरी महिमा गायें ।
दीजै दासन को
भक्ति ललाम...शिव.. ।।
मन चल रे महाकाल
धाम, शिव शिव गायेंगे ।
शिव शिव गायेंगे,
भोले को मनाएंगे.... भोले को ।।
दर पे भोले के तू,
आकर तो देख ।
बदल देंगे तेरी
ये, माथे की रेख
बड़े ही दयालु हैं,
भोले भंडारी ।
इनके है महिमा,
देवों में भारी ।
गंगा जल लाकर,
चढ़ाकर तो देख ।।
दर पे भोले
के......
मैया गौर ने,
तपस्या की भारी ।
पति रूप पाये हैं,
भोले भंडारी ।
भर देंगे झोली,
फैला कर तो देख ।।
दर पे भोले
के......
गजानन ने परकम्मा,
दी पितु की प्यारी ।
प्रथम पुजाते हैं,
ये विघ्न हारी ।
अनहोनी होनी हो,
विधना के लेख ।।
दर पे भोले
के......
सौंप दे डोरी, शरण
शिव की गह ले ।
ताली बजा दास, शिव
जी को भज ले ।
सीधी हों टेढ़ी, जो
हाथों की रेख ।।
दर पे भोले के तू,
आकर तो देख ।
बदल देंगे तेरी
ये, माथे की रेख ।।
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